Lamentations
जो नगरी लोगों से भरपूर थी वह अब कैसी अकेली बैठी हुई है! 1 वह क्यों एक विधवा के समान बन गई? 1 वह जो जातियों की दृष्टि में महान और प्रान्तों में रानी थी, 1 अब क्यों कर देनेवाली हो गई है। 1
Read Lamentations Free →जो नगरी लोगों से भरपूर थी वह अब कैसी अकेली बैठी हुई है! 1 वह क्यों एक विधवा के समान बन गई? 1 वह जो जातियों की दृष्टि में महान और प्रान्तों में रानी थी, 1 अब क्यों कर देनेवाली हो गई है। 1
Read Lamentations Free →