Psalms · बाइबल (हिन्दी)

Psalms 113

1यहोवा की स्तुति करो! 1 हे यहोवा के दासों, स्तुति करो, 1 यहोवा के नाम की स्तुति करो! 1

2यहोवा का नाम 1 अब से लेकर सर्वदा तक धन्य कहा जाएँ! 1

3उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक, 1 यहोवा का नाम स्तुति के योग्य है। 1

4यहोवा सारी जातियों के ऊपर महान है, 1 और उसकी महिमा आकाश से भी ऊँची है। 1

5हमारे परमेश्वर यहोवा के तुल्य कौन है? 1 वह तो ऊँचे पर विराजमान है, 1

6और आकाश और पृथ्वी पर, 1 दृष्टि करने के लिये झुकता है। 1

7वह कंगाल को मिट्टी पर से, 1 और दरिद्र को घूरे पर से उठाकर ऊँचा करता है + 113:7 वह कंगाल को मिट्टी पर से, .... उठाकर ऊँचा करता है: जीवन की तुच्छ अवस्था से वह उन्हें धन-सम्पदा और पद-प्रतिष्ठा में ले आता है।, 1

8कि उसको प्रधानों के संग, 1 अर्थात् अपनी प्रजा के प्रधानों के संग बैठाए। (अय्यू. 36:7) 1

9वह बाँझ को घर में बाल-बच्चों की आनन्द करनेवाली माता बनाता है। 1 यहोवा की स्तुति करो!

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