Psalms 96
1यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, 1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा के लिये गाओ! (प्रका. 5:9, भज. 33:3) 1
2यहोवा के लिये गाओ, उसके नाम को धन्य कहो; 1 दिन प्रतिदिन उसके किए हुए उद्धार का शुभ समाचार सुनाते रहो। 1
3अन्यजातियों में उसकी महिमा का, 1 और देश-देश के लोगों में उसके आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो + 96:3 देश-देश के लोगों में उसके आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो: परमेश्वर के वे कार्य एवं कृत्य जो किसी भी सृजित प्राणी की शक्ति के परे हैं।। 1
4क्योंकि यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है; 1 वह तो सब देवताओं से अधिक भययोग्य है। 1
5क्योंकि देश-देश के सब देवता तो मूरतें ही हैं; 1 परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है। 1
6उसके चारों ओर वैभव और ऐश्वर्य है; 1 उसके पवित्रस्थान में सामर्थ्य और शोभा है। 1
7हे देश-देश के कुल के लोगों, यहोवा का गुणानुवाद करो, 1 यहोवा की महिमा और सामर्थ्य को मानो! 1
8यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; 1 भेंट लेकर उसके आँगनों में आओ! 1
9पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत् करो; 1 हे सारी पृथ्वी के लोगों उसके सामने काँपते रहो + 96:9 हे सारी पृथ्वी के लोगों उसके सामने काँपते रहो: उसका पावन भय जो परमेश्वर की उपस्थिति और वैभव से उत्पन्न होता है, उसके कारण काँपना।! 1
10जाति-जाति में कहो, “यहोवा राजा हुआ है! 1 और जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं; 1 वह देश-देश के लोगों का न्याय खराई से करेगा।” 1
11आकाश आनन्द करे, और पृथ्वी मगन हो; 1 समुद्र और उसमें की सब वस्तुएँ गरज उठें; 1
12मैदान और जो कुछ उसमें है, वह प्रफुल्लित हो; 1 उसी समय वन के सारे वृक्ष जयजयकार करेंगे। 1
13यह यहोवा के सामने हो, क्योंकि वह आनेवाला है। 1 वह पृथ्वी का न्याय करने को आनेवाला है, वह धर्म से जगत का, 1 और सच्चाई से देश-देश के लोगों का न्याय करेगा। (प्रेरि. 17:31)