Psalms · बाइबल (हिन्दी)

Psalms 72

1हे परमेश्वर, राजा को अपना नियम बता, 1 राजपुत्र को अपनी धार्मिकता सिखला! 1

2वह तेरी प्रजा का न्याय धार्मिकता से, 1 और तेरे दीन लोगों का न्याय ठीक-ठीक चुकाएगा। (मत्ती 25:31-34, प्रेरि. 17:31, रोम. 14:10, 2 कुरि. 5:10) 1

3पहाड़ों और पहाड़ियों से प्रजा के लिये, 1 धार्मिकता के द्वारा शान्ति मिला करेगी 1

4वह प्रजा के दीन लोगों का न्याय करेगा, और दरिद्र लोगों को बचाएगा; 1 और अत्याचार करनेवालों को चूर करेगा + 72:4 अत्याचार करनेवालों को चूर करेगा: जो मनुष्यों पर अत्याचार करते हैं उन्हें वह दबा देगा या नष्ट कर देगा। । (यशा. 11:4) 1

5जब तक सूर्य और चन्द्रमा बने रहेंगे 1 तब तक लोग पीढ़ी-पीढ़ी तेरा भय मानते रहेंगे। 1

6वह घास की खूँटी पर बरसने वाले मेंह, 1 और भूमि सींचने वाली झड़ियों के समान होगा। 1

7उसके दिनों में धर्मी फूले फलेंगे, 1 और जब तक चन्द्रमा बना रहेगा, तब तक शान्ति बहुत रहेगी। 1

8वह समुद्र से समुद्र तक 1 और महानद से पृथ्वी की छोर तक प्रभुता करेगा। 1

9उसके सामने जंगल के रहनेवाले घुटने टेकेंगे, 1 और उसके शत्रु मिट्टी चाटेंगे। 1

10तर्शीश और द्वीप-द्वीप के राजा भेंट ले आएँगे, 1 शेबा और सबा दोनों के राजा उपहार पहुँचाएगे। 1

11सब राजा उसको दण्डवत् करेंगे, 1 जाति-जाति के लोग उसके अधीन हो जाएँगे। (प्रका. 21:26, मत्ती 2:11) 1

12क्योंकि वह दुहाई देनेवाले दरिद्र का, 1 और दुःखी और असहाय मनुष्य का उद्धार करेगा। 1

13वह कंगाल और दरिद्र पर तरस खाएगा, 1 और दरिद्रों के प्राणों को बचाएगा। 1

14वह उनके प्राणों को अत्याचार और उपद्रव से छुड़ा लेगा; 1 और उनका लहू उसकी दृष्टि में अनमोल ठहरेगा + 72:14 उनका लहू उसकी दृष्टि में अनमोल ठहरेगा: वह उसके लिए ऐसा मूल्यवान होगा कि वह उसे अन्याय से बहने नहीं देगा वरन् जब उनका जीवन संकट में होगा तब वह उनको बचाने आएगा। । (तीतु. 2:14) 1

15वह तो जीवित रहेगा और शेबा के सोने में से उसको दिया जाएगा। 1 लोग उसके लिये नित्य प्रार्थना करेंगे; 1 और दिन भर उसको धन्य कहते रहेंगे। 1

16देश में पहाड़ों की चोटियों पर बहुत सा अन्न होगा; 1 जिसकी बालें लबानोन के देवदारों के समान झूमेंगी; 1 और नगर के लोग घास के समान लहलहाएँगे। 1

17उसका नाम सदा सर्वदा बना रहेगा; 1 जब तक सूर्य बना रहेगा, तब तक उसका नाम नित्य नया होता रहेगा, 1 और लोग अपने को उसके कारण धन्य गिनेंगे, 1 सारी जातियाँ उसको धन्य कहेंगी। 1

18धन्य है यहोवा परमेश्वर, जो इस्राएल का परमेश्वर है; 1 आश्चर्यकर्म केवल वही करता है। (भज. 136:4) 1

19उसका महिमायुक्त नाम सर्वदा धन्य रहेगा; 1 और सारी पृथ्वी उसकी महिमा से परिपूर्ण होगी। 1 आमीन फिर आमीन। 1

20यिशै के पुत्र दाऊद की प्रार्थना समाप्त हुई।

← Psalms 71Read In The App, Free →Psalms 73 →

Study Psalms 72

KJVMatthew HenryJamieson-Fausset-BrownAdam ClarkeJohn WesleyJohn CalvinKeil and DelitzschCharles SpurgeonScofieldFamily Bible NotesGeneva Bible Notes (1599)Reina-Valera (Español)Bíblia Almeida (Português)Luther Bibel (Deutsch)Bible Louis Segond (Français)

All Chapters

123456789101112131415161718192021222324252627282930313233343536373839404142434445464748495051525354555657585960616263646566676869707172737475767778798081828384858687888990919293949596979899100101102103104105106107108109110111112113114115116117118119120121122123124125126127128129130131132133134135136137138139140141142143144145146147148149150