Psalms 3
1हे यहोवा मेरे सतानेवाले कितने बढ़ गए हैं! 1 वे जो मेरे विरुद्ध उठते हैं बहुत हैं। 1
2बहुत से मेरे विषय में कहते हैं, 1 कि उसका बचाव परमेश्वर की ओर से नहीं हो सकता + 3:2 उसका बचाव परमेश्वर की ओर से नहीं हो सकता: वह पूर्णतः त्यागा हुआ है उसमें आत्मरक्षा का सामर्थ्य नहीं है और परमेश्वर हस्तक्षेप करके उसे बचाने की इच्छा नहीं रखता है। । (सेला) 1
3परन्तु हे यहोवा, तू तो मेरे चारों ओर मेरी ढाल है, 1 तू मेरी महिमा और मेरे मस्तक का ऊँचा करनेवाला है + 3:3 मेरे मस्तक का ऊँचा करनेवाला है: परेशानियों और दुःख में सिर अपने आप ही झुक जाता है जैसे कि कष्टों के बोझ से दब गया हो।। 1
4मैं ऊँचे शब्द से यहोवा को पुकारता हूँ, 1 और वह अपने पवित्र पर्वत पर से मुझे उत्तर देता है। (सेला) 1
5मैं लेटकर सो गया; 1 फिर जाग उठा, क्योंकि यहोवा मुझे सम्भालता है। 1
6मैं उस भीड़ से नहीं डरता, 1 जो मेरे विरुद्ध चारों ओर पाँति बाँधे खड़े हैं। 1
7उठ, हे यहोवा! हे मेरे परमेश्वर मुझे बचा ले! 1 क्योंकि तूने मेरे सब शत्रुओं के जबड़ों पर मारा है। 1 और तूने दुष्टों के दाँत तोड़ डाले हैं। 1
8उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है + 3:8 उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है: केवल परमेश्वर ही है जो बचा लेता है।; 1 हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्रजा पर हो।