Psalms 15
1हे यहोवा तेरे तम्बू में कौन रहेगा? 1 तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा? 1
2वह जो सिधाई से चलता + 15:2 वह जो सिधाई से चलता: अर्थात् जो सिद्ध जीवन जीता और सिद्ध आचरण रखता है। और धर्म के काम करता है, 1 और हृदय से सच बोलता है; 1
3जो अपनी जीभ से अपमान नहीं करता, 1 और न अन्य लोगों की बुराई करता, 1 और न अपने पड़ोसी का अपमान सुनता है; 1
4वह जिसकी दृष्टि में निकम्मा मनुष्य तुच्छ है + 15:4 जिसकी दृष्टि में निकम्मा मनुष्य तुच्छ है: जो पतित एवं बुरे चरित्र के मनुष्य का सम्मान नहीं करता है। , 1 पर जो यहोवा के डरवैयों का आदर करता है, 1 जो शपथ खाकर बदलता नहीं चाहे हानि उठानी पड़े; 1
5जो अपना रुपया ब्याज पर नहीं देता, 1 और निर्दोष की हानि करने के लिये घूस नहीं लेता है। 1 जो कोई ऐसी चाल चलता है वह कभी न डगमगाएगा।
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