Psalms · बाइबल (हिन्दी)

Psalms 53

1मूर्ख ने अपने मन में कहा, “कोई परमेश्वर है ही नहीं।” 1 वे बिगड़ गए, उन्होंने कुटिलता के घिनौने काम किए हैं; 1 कोई सुकर्मी नहीं। 1

2परमेश्वर ने स्वर्ग पर से मनुष्यों के ऊपर दृष्टि की 1 ताकि देखे कि कोई बुद्धि से चलनेवाला 1 या परमेश्वर को खोजनेवाला है कि नहीं। 1

3वे सब के सब हट गए; सब एक साथ बिगड़ गए; 1 कोई सुकर्मी नहीं, एक भी नहीं। (भज. 14:1-3, रोम. 3:10-12) 1

4क्या उन सब अनर्थकारियों को कुछ भी ज्ञान नहीं, 1 जो मेरे लोगों को रोटी के समान खाते है 1 पर परमेश्वर का नाम नहीं लेते है? 1

5वहाँ उन पर भय छा गया जहाँ भय का कोई कारण न था। 1 क्योंकि यहोवा ने उनकी हड्डियों को, जो तेरे विरुद्ध छावनी डाले पड़े थे, तितर-बितर कर दिया; 1 तूने तो उन्हें लज्जित कर दिया + 53:5 तो उन्हें लज्जित कर दिया: अर्थात्, वे पराजय के कारण, अपने प्रयासों में सफल न होने के कारण लज्जित हो गए। इसलिए कि 1 परमेश्वर ने उनको त्याग दिया है। 1

6भला होता कि इस्राएल का पूरा उद्धार सिय्योन से निकलता! 1 जब परमेश्वर अपनी प्रजा को बन्धुवाई से लौटा ले आएगा। 1 तब याकूब मगन और इस्राएल आनन्दित होगा।

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